ये तथाकथित 'नया' भारत है
और इस 'नये' भारत में
रघुकुल-रीति की, नीति की
परिभाषा अलग है--
सुविधावादी है, अवसरवादी है
यहाँ परिभाषा अलग है
'राइट' की, 'रॉन्ग' की,
'धर्म' की, 'अधर्म' की,
'राष्ट्रवादी' की, 'देशद्रोही' की
ये परिभाषाएँ तय होती हैं
पांच-सितारा दफ़्तरों की
चहारदीवारी में
कुछ फ़िरक़ा-परस्त लोगों
की झुंड द्वारा
फिर शुरू होती है
इन परिभाषाओं की बिना पर
उन आर्यपुत्र, धर्म-रक्षक,
ज्ञानवान, रघुकुल-रीति पालक
शूरवीरों की सेना का निर्माण
जो कुछ के लिये 'राइट' है,
कुछ के लिये 'रॉन्ग' है
~ Vivek
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